आज का शब्द: कंज और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता ‘नयनों के डोरे लाल गुलाल भरे’
aaj ka shabd kanj suryakant tripathi nirala hindi kavita nayanon ke dore laal gulal bhare
आज का शब्द: कंज और सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता ‘नयनों के डोरे लाल गुलाल भरे’

