
लापरवाही का मेला: नैनीताल नंदा देवी मेले में झूले से गिरकर महिला गंभीर, सुरक्षा दावों की खुली पोल
नैनीताल। सरोवर नगरी के ऐतिहासिक फ्लैट्स (डीएसए) मैदान में चल रहे नंदा देवी मेले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगे एक ऊंचे झूले से अचानक एक महिला अनियंत्रित होकर सीधे नीचे गिर पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। घटना के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल महिला को उपचार के लिए नजदीकी बीडी पांडे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा मानकों की धज्जियां, एनओसी पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने मेला प्रशासन और ठेकेदारों के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि झूले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। सबसे बड़ा सवाल नैनीताल जिला प्रशासन पर उठ रहा है कि आखिर बिना उचित जांच-पड़ताल और पुख्ता सुरक्षा मानकों को परखे, झूला संचालक को एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) कैसे जारी कर दी गई?
मेला अधिकारी तैनात, फिर भी चरमराई व्यवस्थाएं
हैरानी की बात यह है कि मेले के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए बकायदा एक ‘मेला अधिकारी’ की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद आयोजन स्थल पर नियमों की जमकर अनदेखी की जा रही है। मेले में हर दिन हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के नाम पर मैदान में कोई ठोस इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि मेले के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए बकायदा एक ‘मेला अधिकारी’ की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद आयोजन स्थल पर नियमों की जमकर अनदेखी की जा रही है। मेले में हर दिन हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के नाम पर मैदान में कोई ठोस इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
संचालकों का दावा— सेल्फी लेते वक्त हुआ हादसा
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर झूला संचालकों ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि झूले में तकनीकी खराबी या सुरक्षा की कमी नहीं थी, बल्कि महिला झूला झूलते समय सेल्फी ले रही थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर झूला संचालकों ने अपनी सफाई पेश की है। उनका कहना है कि झूले में तकनीकी खराबी या सुरक्षा की कमी नहीं थी, बल्कि महिला झूला झूलते समय सेल्फी ले रही थी। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई।
बहरहाल, इस हादसे ने प्रशासनिक मुस्तैदी और ठेकेदारों की लापरवाही को पूरी तरह उजागर कर दिया है। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है?