27 साल बाद भाजपा का CM लेगा शपथ: रामलीला मैदान की कहानी, रामलीला मैदान की जुबानी; एक खेत से शुरू हुआ सफर
मैं हूं रामलीला मैदान। मैं वह धरती हूं, जिस पर दिल्लीवासियों ने पहले प्यास बुझाई और उसके बाद पेट भरा और संप्रदायों के बीच सौहार्द का माहौल बना।
मैं हूं रामलीला मैदान। मैं वह धरती हूं, जिस पर दिल्लीवासियों ने पहले प्यास बुझाई और उसके बाद पेट भरा और संप्रदायों के बीच सौहार्द का माहौल बना।