मरचूला हादसे से नहीं लिया सबक: किसी रोडवेज बस में पीछे वाला शीशा नही, किसी के टायर कमजोर; संकट में यात्री
मरचूला हादसे को डेढ़ महीना भी नहीं हुआ है। परिजन 36 लोगों की मौत को अभी भूल नहीं पाए कि पहाड़ की लाइफलाइन कही जाने वालनी रोडवेज सुरक्षा को धता बताकर सड़कों पर दौड़ रही है। बिना शीशे, कमजोर टायर आदि कमियां फिर हादसे को आमंत्रित कर रही हैं।