Anubhav Sinha Podcast: मैं अपनी पहचान को लेकर अभी मुतमइन नहीं हूं, मैं रोज बदल रहा हूं, रोज बड़ा हो रहा हूं…
कोई फिल्म निर्देशक बिल्कुल विपरीत ध्रुवी फिल्मों का निर्माण करे तो उसके सिनेमा को एकाएक तीन पीढ़ियों की नुमाइंदगी हासिल होती है। जैसे, यश चोपड़ा ने ‘दीवार’ बनाई। ‘दिल तो पागल है’ बनाई और बनाई ‘वीर जारा’।