Haldwani: भवाली का सीवरेज सिस्टम बेहतर हो तो शिप्रा को मिलेगा पुनर्जीवन, नदी के किनारे बने हैं हजारों मकान
श्यामखेत के उद्गम स्थल से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर खैरना के कोसी में मिलने वाली शिप्रा को सबसे ज्यादा दर्द भवाली से ही मिला। नदी के किनारे हजारों मकान बने हैं। इन मकानों का गेट सड़क की तरफ है तो पीछे की तरफ सीवरेज के पाइप नदी में जाता है।
श्यामखेत के उद्गम स्थल से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर खैरना के कोसी में मिलने वाली शिप्रा को सबसे ज्यादा दर्द भवाली से ही मिला। नदी के किनारे हजारों मकान बने हैं। इन मकानों का गेट सड़क की तरफ है तो पीछे की तरफ सीवरेज के पाइप नदी में जाता है।