
नैनीताल में आसमानी आफत: रिकॉर्ड बारिश से उफान पर नैनीझील..
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले 36 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार जारी भारी वर्षा के कारण विश्व प्रसिद्ध नैनीझील का जलस्तर अपने रिकॉर्ड स्तर 88.8 फीट तक पहुंच गया है। झील में पानी के अत्यधिक दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग ने एहतियातन जल निकासी के लिए दोनों गेटों को पूरी क्षमता (18-18 इंच) तक खोल दिया है। इसके बावजूद, तल्लीताल डांठ और लोअर माल रोड पर झील का पानी आने से भारी जलभराव की स्थिति बन गई है।
24 घंटे में 185 मिमी बारिश, टूटे पुराने रिकॉर्ड
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, नैनीताल में पिछले 36 घंटों के भीतर लगभग 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसमें से बीते 24 घंटे में ही 185 मिमी पानी बरसा है। इस मूसलाधार बारिश ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अत्यधिक पानी की आवक के कारण झील की लहरें उफान पर हैं, जिसके चलते सुरक्षा के लिहाज से झील में नौकायन (Boating) पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। वीकेंड पर पहुंचे सैकड़ों पर्यटक होटलों में ही कैद रहने को मजबूर हैं।
मलबे से 15 मार्ग बंद, हल्द्वानी हाईवे ठप
भारी बारिश का सबसे बुरा असर क्षेत्र की सड़कों पर पड़ा है। पहाड़ों से लगातार गिर रहे मलबे और भूस्खलन के कारण नैनीताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (दोगांव के पास) और भवाली मार्ग समेत जिले की करीब 15 मुख्य व ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। नैनीताल आने-जाने वाले यातायात को फिलहाल भीमताल और कालाढूंगी मार्गों की ओर डायवर्ट किया गया है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर, राहत कार्य जारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जेसीबी मशीनों की मदद से बंद सड़कों से बोल्डर और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें और नदी-नालों व संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहें।