Sant Premanand: ‘आगे और भी पद हैं…’, जानें क्यों संत प्रेमानंद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से कही ये बात
संत से मुलाकात के दाैरान आध्यात्मिक चर्चा का वातावरण भी बना। यह कोई औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उपमुख्यमंत्री का व्यक्तिगत आध्यात्मिक दौरा प्रतीत हो रहा था।

