Superboys Of Malegaon Review: ‘ढीले स्क्रूवालों’ की इमोशनल कहानी, नासिर शेख के जज्बे को सलाम करती सोशल फिल्म
ये तीन संवाद इस बात का सबूत हैं कि फिल्म बनाने वालों की दुनिया वालों की नजर में इज्जत क्या रही है, इस देश में। ये उन दिनों की बात है जब ‘मालेगांव का शोले’ बस रिलीज ही हुई थी।