Surendra Mohan Pathak Exclusive: कोई देसी हीरो जेम्स बॉन्ड बनने लायक नहीं, सुरेंद्र मोहन पाठक की खरी खरी
हिंदी के जासूसी उपन्यासों में सुरेंद्र मोहन पाठक को उस फन का उस्ताद माना जाता है जिसमें किसी कहानी के हीरो और विलेन का फर्क मिट सा जाता है।
हिंदी के जासूसी उपन्यासों में सुरेंद्र मोहन पाठक को उस फन का उस्ताद माना जाता है जिसमें किसी कहानी के हीरो और विलेन का फर्क मिट सा जाता है।